10 सितंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो 11 सितंबर से काम बंद हड़ताल की चेतावनी
हेमंत बघेल
कसडोल। छत्तीसगढ़ अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ, ब्लॉक इकाई कसडोल ने जून, जुलाई और अगस्त माह का लंबित मानदेय तत्काल जारी करने की मांग को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कसडोल को ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले तीन माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

ज्ञापन में बताया गया कि अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों को प्रतिमाह 3,400 रुपये मानदेय दिया जाता है। शासन के आदेश के अनुसार प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच मानदेय दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन 7 सितंबर 2026 तक तीन माह का मानदेय कर्मचारियों को नहीं मिला है। संघ का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी दो बार ज्ञापन दिया जा चुका है, बावजूद इसके भुगतान नहीं किया गया।

कर्मचारियों ने बताया कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी मानदेय नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उस समय विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर मानदेय दिए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन भुगतान नहीं हो सका। अब तीजा-पोरा का त्योहार भी नजदीक है, जिससे कर्मचारियों की चिंता और बढ़ गई है।
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि जून, जुलाई और अगस्त माह का लंबित मानदेय 10 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से कर्मचारियों के खातों में जमा किया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित तिथि तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो 11 सितंबर 2026 से कसडोल ब्लॉक के सभी अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी काम बंद कर हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
कर्मचारियों का कहना है कि वे स्कूलों में नियमित रूप से साफ-सफाई का कार्य करते हैं। समय पर मानदेय नहीं मिलने से उनके परिवार के रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और त्योहारों की तैयारियों पर भी असर पड़ रहा है। संघ ने शिक्षा विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द लंबित मानदेय जारी करने की मांग की है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर बलौदाबाजार, जिला शिक्षा अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कसडोल एवं तहसीलदार कसडोल को भी सूचनार्थ प्रेषित की गई है।










































